उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड का दौर जारी
देश के उत्तरी और मध्य राज्यों में ठंड का प्रकोप और गहराने वाला है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली शुष्क और ठंडी हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके कारण आने वाले ४८ घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी पहले ही दस्तक दे चुकी है, जहाँ पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में ‘पाला’ (Ground Frost) पड़ सकता है, जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
धुंध और कोहरे की स्थिति: बिहार और यूपी में ‘कोल्ड डे’ का खतरा
मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रभाव मिला-जुला देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर शुष्क हवाओं के कारण पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धुक्ये की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बिहार के मध्य और पूर्वी हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता (Visibility) कम रहेगी और ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, ७ और ८ जनवरी के बाद हवाओं की रफ्तार और तेज होने से मैदानी इलाकों में आसमान साफ होगा और दिन में धूप खिलेगी, लेकिन सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बरकरार रहेगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी की कमी और सूखे जैसे हालात
इस साल पहाड़ों पर बर्फबारी की भारी कमी देखी जा रही है, जो चिंता का विषय है। वर्तमान में एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊपर सक्रिय है, लेकिन इसका असर केवल ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले इलाके पूरी तरह सूखे पड़े हैं। पर्याप्त हिमपात न होने के कारण उत्तर भारत की नदियों को जल देने वाले ग्लेशियर पुनर्जीवित नहीं हो पा रहे हैं, जिसका सीधा असर आने वाले समय में हॉर्टिकल्चर (बागवानी) और पेयजल आपूर्ति पर पड़ सकता है। पर्यटकों के लिए भी यह निराशाजनक है क्योंकि उन्हें बर्फबारी का अनुभव कम ही मिल रहा है।
दक्षिण भारत में बदलेगा मौसम: तमिलनाडु और केरल में बारिश के आसार
उत्तर भारत में जहां बर्फबारी की कमी है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) के कारण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में अगले २४ घंटों में बारिश शुरू होने की संभावना है। ६ और ७ जनवरी को बारिश का यह दायरा आंध्र प्रदेश के तटों, रायलसीमा, केरल और लक्षद्वीप तक फैल जाएगा। मध्य भारत में एक ‘विपरीत चक्रवाती हवाओं’ का क्षेत्र (Anti-Cyclone) बनने की भी संभावना है, जिससे ८ जनवरी के बाद मध्य प्रदेश और विदर्भ के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है और कोहरा पूरी तरह छंट जाएगा।